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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले 3 महीने होते हैं बहà¥à¤¤ ही खास, खानपान से लेकर रूटीन चेकअप हर à¤à¤• चीज़ का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨-
पहली तिमाही (फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤°)
पहले 3 महीने इस चरण में आते हैं। इस समय à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास होता है और वह मानव à¤à¥à¤°à¥‚ण का आकार लेने लगता है। इस दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछे बिना कोई à¤à¥€ दवा लेना खतरनाक हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दवाà¤à¤‚ इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हानिकारक हो सकती हैं और बचà¥à¤šà¥‡ में संरचनातà¥à¤®à¤• विकार पैदा कर सकती हैं। इस अवधि में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के अलावा किसी दवा की जरूरत नहीं होती है।
होने वाले बदलाव
1- इस दौरान जी मिचलाने, घबराहट, थकावट और उलà¥à¤Ÿà¥€ होने जैसी शिकायतें आम होती हैं। ये तीन माह पूरे होते ही अपने आप ठीक हो जाती हैं।
2- इस दौरान आमतौर पर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लो होता है और पलà¥à¤¸ रेट बढ जाती है।
3- बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ का आकार बढ जाता है। उससे डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ à¤à¥€ हो सकता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ को छूने पर दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होता है।
4- पहले तीन महीने वजन बढना जरूरी नहीं है।
5- मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤— सिकनेस गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। यह पूरे तिमाही तक रहती है। à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ का बढता सà¥à¤¤à¤° पेट को धीरे-धीरे खाली करता है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के धीमी गति से पचने के कारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। à¤à¤¸à¥€ फीलिंग सà¥à¤¬à¤¹ के समय होती है।
6- बार-बार यूरिन जाना पड सकता है। इससे निजात पाने के लिठतरल पदारà¥à¤¥à¥‹ का सेवन कम न करें, बलà¥à¤•ि चाय-कॉफी की मातà¥à¤°à¤¾ कम कर दें।
7- गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° चढता है, जिससे नींद अधिक आती है। इसी समय बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के कम सà¥à¤¤à¤° और निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के कारण थकान हो सकती है। इसलिठआराम जरूर करें। अपने आहार में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लें।
सावधानियां
1- इन दिनों लंबे समय तक खाली पेट न रहें। थोडे-थोडे अंतराल पर कà¥à¤›-कà¥à¤› खाती रहें। फल, नारियल पानी या गà¥à¤²à¥‚कोज मिला पानी आदि लेती रहें। अधिक मिरà¥à¤š और तैलीय चीजों से परहेज करें।
2- नियमित रूप से जांच कराà¤à¤‚। हर 15 दिन में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अपना चेकअप कराà¤à¤‚।
3- हीलà¥à¤¸ न पहनें। à¤à¥€à¤¡-à¤à¤¾à¤¡ में न जाà¤à¤‚। कामकाजी हैं तो सफर में à¤à¤Ÿà¤•े और गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ वाली ऊबड-खाबड जगह जाने से बचें।
4- मंचिंग न करें। बजाय इसके कोई फल खाà¤à¤‚। डबल डाइट नहीं बैलेंस डाइट लें।
रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ चेकअपà¥à¤¸
-à¤à¤‚टीनेटल सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग टेसà¥à¤Ÿ (बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª और आरà¤à¤š, हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र, सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग फॉर इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤‚स - à¤à¤šà¤†à¤‡à¤µà¥€, सिफलिस, रà¥à¤¬à¥‡à¤²à¤¾, हेपेटाइटिस सी, हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€à¤œ)
-यूà¤à¤¸à¤œà¥€ ताकि डिलिवरी की तारीख पता चल सके। साथ ही यह à¤à¥€ पता चल सके कि गरà¥à¤ में à¤à¤• ही शिशॠहै या उससे अधिक।
-सातवें और बारहवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जाता है यह देखने के लिठकि होने वाले शिशॠमें कोई विकार तो नहीं है। बारहवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में डबल मारà¥à¤•र बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ होता है।
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